डीसी ने किया राजौंद तहसील, बीडीपीओ व नगर पालिका कार्यालय का औचक निरीक्षण
डीसी अपराजिता ने बुधवार को राजौंद में तहसील कार्यालय, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) कार्यालय तथा नगर पालिका कार्यालय का औचक निरीक्षण किया और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने हाजिरी रजिस्टर, विभिन्न शाखाओं के रिकॉर्ड तथा जन सेवाओं से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे डीसी अपराजिता तहसील कार्यालय पहुंची। जहां नायब तहसीलदार स्नेह लता अपने कार्यालय से अनुपस्थित मिलीं। इस पर डीसी ने गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के प्रति लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान डीसी ने तहसील परिसर में मौजूद नागरिकों एवं शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं भी जानी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यालय में आने वाले आमजन के साथ अच्छा व्यवहार किया जाए। उनके कार्यों का निपटारा निर्धारित समय सीमा में किया जाए तथा किसी भी नागरिक को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके उपरांत डीसी ने बीडीपीओ कार्यालय का निरीक्षण किया और विभिन्न विकास योजनाओं एवं शिकायत निवारण प्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने बीडीपीओ अनु से जनसंवाद कार्यक्रम, समाधान शिविर, सीएम विंडो तथा अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की विस्तृत रिपोर्ट तलब की। उन्होंने कहा कि कार्यालय में आने वाले लोगों की शिकायतों को प्राथमिकता के साथ सुना जाए। वहीं नगर पालिका कार्यालय के निरीक्षण के दौरान डीसी ने सफाई व्यवस्था, विकास कार्यों तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का आकलन किया। उन्होंने शहर में साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर नगर पालिका सचिव को सख्त हिदायतें जारी कीं। उन्होंने नगर पालिका सचिव नरेंद्र शर्मा को वर्ष 2023-24 में स्वीकृत विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही पूर्व में जारी किए गए बजट से संबंधित यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट (यूसी) तत्काल विभाग को भेजने के आदेश भी दिए। उन्होंने नगर पालिका परिसर में संचालित आधार केंद्र तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) विंडो का भी निरीक्षण किया और दिनभर में प्राप्त आवेदनों तथा उनके निस्तारण की रिपोर्ट मांगी। डीसी अपराजिता ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य आमजन को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही और जवाबदेही की कमी को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को जनहित से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
