डीसी ने किया सहकारी चीनी मिल कैथल का दौरा
डीसी अपराजिता ने शुक्रवार को सहकारी चीनी मिल कैथल में कार्यकारिणी समिति की बैठक ली। बैठक के बाद मिल का दौरा करते हुए चीनी बनाने की प्रक्रिया की गहनता से जानकारी ली। डीसी ने मिल क्षेत्र के किसानों का आह्वान किया कि वे परंपरागत विधि को छोड़कर आधुनिक तरीके से गन्ने की खेती करें, जिससे कम लागत व कम समय में संसाधनों का समुचित उपयोग करके बेहतर व अधिक उत्पादन लिया जा सके। गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए मिल प्रबंधन द्वारा सार्थक प्रयास किए जाएं व अधिक से अधिक किसानों को गन्ने की बिजाई के लिए प्रेरित किया जाए।

डीसी ने चीनी मिल में चीनी निर्माण प्रक्रिया के बारे में अधिकारियों से गहनता से अवलोकन किया। उन्होंने चीनी निर्माण में लागत मूल्य कम करने के लिए सभी को सार्थक प्रयास करने बारे प्रेरित किया। मशीनरी में आवश्यक सुधार करने के निर्देश देते हुए कहा की बेहतर मशीनरी से अधिक उत्पादन करके मिल को घाटे से उबारने के प्रयास किए जाए। निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए हेलमेट व अन्य सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग करने के निर्देश दिए ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।


मिल के प्रबंध निदेशक कृष्ण कुमार ने डीसी को आश्वस्त किया कि मिल प्रबंधन द्वारा गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ाने के भरसक प्रयास किए जा रहे है। मिल परिसर में किसान भाईयों की सुविधा के लिए ऑनलाइन टोकन सुविधा उपलब्ध करवाई गई है, जिसके फलस्वरूप मिल में गन्ना लेकर आने वाले किसानों को अपना गन्ना डालने में ज्यादा समय नहीं लगता। मिल परिसर में किसानों व मजदूरों के लिये अटल किसान-मजदूर कैंटीन पर 10 रुपये प्रति थाली की दर से पोष्टिक भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है।

इस मौके पर मिल के मुख्य लेखा अधिकारी सतीश कुमार, मुख्य रसायनविद् कमलकांत तिवारी, कार्यवाहक गन्ना प्रबंधक रामपाल, बिक्री प्रबन्धक जगदीश चन्द्र, निदेशक रामेश्वर ढुल, कर्मचारी निदेशक शमशेर सिंह, उप मुख्य अभियन्ता अमिर हुसैन जुबेरी, लवलेश कुमार, मुकेश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
