फर्जी IPO का झांसा देकर 22.90 लाख की साइबर ठगी…दो आरोपी गिरफ्तार

जहां एक तरफ जिला पुलिस द्वारा एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के आदेशानुसार साइबर अपराधो से बचाव बारे आमजन को जागरूक किया जा रहा है, वहीं साइबर अपराधियों पर शिकंजा भी कसा जा रहा है। इसी कड़ी में थाना साइबर क्राइम कैथल पुलिस ने फर्जी स्टॉक/ आईपीओ निवेश के नाम पर 22.90 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि कैथल निवासी सुनील कुमार की शिकायत अनुसार 22 जनवरी को उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने उसे व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़कर निवेश करना सिखाने तथा स्टॉक में निवेश से 10 से 20 प्रतिशत तक मुनाफा कमाने का झांसा दिया। इसके बाद उसे एक मोबाइल नंबर दिया गया, जिस पर व्हाट्सऐप के माध्यम से संपर्क किया गया। आरोपियों ने उससे नाम, मोबाइल नंबर, उम्र, ईमेल आईडी तथा बैंक खाते की जानकारी ली और Fisdpro App डाउनलोड करवाकर उसके माध्यम से निवेश करने के लिए कहा। उसको Free VIP guidance group102 नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जिसमें आरोपी उसे अलग-अलग जगहों पर पैसा निवेश करने के लिए बताते थे। उसने 29 जनवरी को 10,000 रुपये तथा 3 फरवरी को 30,000 रुपये स्टॉक खरीदने के नाम पर अलग-अलग यूपीआई आईडी पर भेजे। इसके बाद आरोपियों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर ओटीसी तथा आईपीओ में निवेश करने के नाम पर उससे अलग-अलग बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से बड़ी रकम ट्रांसफर करवाई। शिकायतकर्ता ने 10 फरवरी को 2.20 लाख रुपये, 18 फरवरी को 6.45 लाख रुपये तथा 2 मार्च को 13.85 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इस प्रकार उससे कुल 22.90 लाख रुपये की राशि ठगी गई। जब उसने अपनी रकम वापस निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने 5 मार्च को व्हाट्सएप के माध्यम से Finwizard Technology Private Limited के नाम से एक कथित पत्र भेजकर प्रोफिट में से सर्विस फीस के नाम पर 38,31,001 रुपये और मांगे। जिस बारे थाना साइबर क्राइम में मामला दर्ज कर लिया गया। मामले की जांच थाना साइबर क्राइम प्रभारी इंस्पेक्टर साहिल कुमार की अगुवाई में एएसआई रणधीर सिंह की टीम द्वारा करते हुए आरोपी गांव चकसीखरी उत्तर प्रदेश निवासी ओम प्रकाश तथा गांव नंदा कपुरा युपी निवासी मन्नु को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी ओमप्रकाश द्वारा इस मामले में अपना बैंक खाता उपलब्ध करवाया गया था और यह खाता ओमप्रकाश से लेकर आरोपी मन्नु द्वारा यह खाता आगे साइबर ठगो को उपलब्ध करवाया गया था। आरोपी ओमप्रकाश को न्यायालय के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि आरोपी मन्नु का व्यापक पूछताछ के लिए न्यायालय से 2 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।

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