पानी का बिल नहीं भरा तो कटेगा कनेक्शन : डीसी

डीसी अपराजिता ने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के बकाया बिलों की वसूली तेजी लाई जाए। जिले में जल उपभोक्ताओं पर जितना राजस्व बकाया है, उसे जल्द रिकवर किया जाए। समय पर बिल जमा न कराने वालों के पानी के कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी। जल आपूर्ति सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए राजस्व संग्रह आवश्यक है। उन्होंने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों को ऑनलाइन माध्यम से बिल जमा कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। कैथल और गुहला स्थित प्रयोगशालाओं में पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। डीसी अपराजिता मंगलवार को लघु सचिवालय में आयोजित जिला जल एवं सीवरेज मिशन की चौथी बैठक में बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दे रहें थें। उन्होंने कहा कि उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्र में अगर मीटर लगा है तो 60 रुपये और जिन घरों में मीटर नहीं है उनसे 120 रुपये फ़्लैट रेट प्रतिमाह लिया जाता है। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्र में सामान्य और ओबीसी वर्ग से 40 रुपये प्रतिमाह और अनुसूचित जाति से बीस रुपये प्रतिमाह पानी का बिल लिया जाता है। उन्होंने कहा कि पंचायतों के जल प्रबंधन कार्यों के लिए ग्राम पंचायतों के खाते खुलवाए जाएं। खंड पंचायत एवं विकास अधिकारी तथा ग्राम सचिव इस कार्य में जन स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत जिले में 8 से 22 मार्च तक ‘जल महोत्सव पखवाड़ा’ मनाया जा रहा है। डीसी ने निर्देश दिए कि इस पखवाड़े को केवल औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे जन-आंदोलन के रूप में मनाया जाए, जिसमें सामुदायिक भागीदारी, महिलाओं की सक्रिय भूमिका और जल संरक्षण जागरूकता को प्राथमिकता दी जाए। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता अभिषेक शेर ने बताया कि पखवाड़े की शुरुआत 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम से हुई, जिसमें नगर परिषद कैथल की अध्यक्ष सुरभि गर्ग मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस अवसर पर जल संरक्षण और जल प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 45 महिलाओं को सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि 9 मार्च को ढांड ब्लॉक के सलीमपुर मदूद गांव में ‘जल अर्पण दिवस’ मनाया गया, जिसमें विधायक सतपाल जम्बा के प्रतिनिधि लाभ सिंह की मौजूदगी में ग्राम जल एवं सीवरेज समिति की बैठक आयोजित की गई। वहीं 10 मार्च को गुहला ब्लॉक में जल गुणवत्ता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को पानी की गुणवत्ता जांच के बारे में प्रशिक्षण दिया गया, ताकि वे विद्यार्थियों को सुरक्षित पेयजल के प्रति जागरूक कर सकें। बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के वासो के जिला सलाहकार दीपक कुमार ने 11 से 22 मार्च तक की प्रस्तावित गतिविधियों का विवरण देते हुए कहा कि इनमें सामुदायिक भागीदारी, क्षमता निर्माण एवं महिलाओं की भूमिका को सशक्त बनाने पर जोर रहेगा। बैठक में ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणाली को मजबूत करने के लिए डिस्ट्रिक्ट टेक्निकल यूनिट (डीटीयू) के गठन पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि यह यूनिट ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों को तकनीकी सहायता प्रदान करेगी तथा सभी योजनाओं को ‘सुजलम भारत’ डेटाबेस से जोड़ेगी। डीटीयू का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण जल आपूर्ति एवं कम लागत वाली सीवरेज प्रणालियों में तकनीकी समन्वय सुनिश्चित करना, प्राथमिकता राज संस्थाओं (पीआरआई) को मजबूत बनाना, मासिक समीक्षा बैठकें आयोजित करना, सभी योजनाओं को सुजलम भारत डेटाबेस में एकीकृत करना, संचालन एवं रखरखाव (ओएंडएम) की डिजिटल योजना तैयार करना तथा ग्राम पंचायतों/वीडब्ल्यूएससी को तकनीकी सहायता प्रदान करना है। यह यूनिट जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे जल जीवन मिशन के लक्ष्यों की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित होगी। डीसी अपराजिता ने कहा कि जल जीवन मिशन के लक्ष्यों को समय पर पूरा करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टोल फ्री नंबर 1800-180-5678 पर मिलने वाली शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए और जल महोत्सव पखवाड़ा के सभी कार्यक्रम प्रभावी ढंग से आयोजित किए जाएं। इस अवसर पर सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश, डीडीपीओ रितु लाठर, कार्यकारी अभियंता अभिषेक शेर, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के वासो के जिला सलाहकार दीपक कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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