राष्ट्रीय लोक अदालत में 6111 मामलों का हुआ निपटारा
हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कैथल के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर की देखरेख में शनिवार को न्यायिक परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस लोक अदालत में गठित बैंचो द्वारा सुनवाई की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कंवल कुमार ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 11618 लंबित मामलों को रखा गया था, जिसमें से 6111 मामलों का निपटारा किया गया। कुल मुबलिक 10,99,87,254/- की राशि के विभिन्न अपराधिक, एन आई एक्ट, बैंक रिकवरी, मोटर वाहन, श्रम से संबंधित विवाद मामले, राजस्व सहित अन्य मामलों का इस राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निपटारा किया गया है। इसके साथ ही उन्होने बताया कि लोक अदालत एक ऐसी अदालत है जिसमें मामलों (विवादों) का निपटारा पक्षकारों की पारस्पारिक सहमति से किया जाता है, इसमें न किसी पक्षकार की जीत होती न हार। दोनों पक्षों में पुनः स्नेह, सौहार्द्र एवं बन्धुत्व का भाव उत्पन हो जाता है। लोक अदालत की विशेषता है कि यह शीघ्र व सस्ते न्याय का स्त्रोत है। इसे जनता की अदालत भी कहा जाता है। लोक अदालत की विशेषता है कि इसमें कोई न्यायालय शुल्क नहीं है और यदि न्यायालय शुल्क का भुगतान पहले ही कर दिया गया है तो लोक अदालत में विवाद का निपटारा होने पर इसे वापिस कर दिया जाता है। लोक अदालत में मामले का निपटारा तुरन्त हो जाता है और सभी को न्याय आसानी से मिल जाता है।
