फेसबुक–व्हाट्सऐप पर “न्यूड वीडियो ब्लैकमेल” मामले में 2 आरोपी काबू
जहां एक तरफ एसपी उपासना के आदेश अनुसार जिला पुलिस द्वारा आमजन को लगातार साइबर अपराधों बारे जागरूक किया जा रहा है वहीं पर साइबर अपराधियों पर जिला पुलिस द्वारा निरंतर स्कंजा कसा जा रहा है। इसी कड़ी में न्यूड वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेल करके लाखों रुपए ऐंठने के मामले में थाना साइबर क्राइम टीम द्वारा 2 आरोपियों को काबू किया गया है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि सेक्टर-18 निवासी एक व्यक्ति कि शिकायत अनुसार 6 जुलाई की रात उनके फेसबुक पर ‘पिंकी शर्मा’ नाम की लड़की की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। उन्हें लगा कि कोई जानकार है, इसलिए उन्होंने रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली। थोड़ी देर बाद वही लड़की मैसेंजर पर चैट करने लगी और उससे उनका व्हाट्सऐप नंबर मांग लिया। जैसे ही नंबर भेजने के कुछ समय बाद उनके मोबाइल पर अचानक एक वीडियो कॉल आई। कॉल उठाने पर स्क्रीन पर एक न्यूड लड़की दिखाई दी, जो उसको भी कपड़े उतारने का दबाव बनाने लगी। उसने कॉल तुरंत काट दी और डर के कारण चैट व नंबर डिलीट कर दिया। अगले दिन उनके फोन पर अलग-अलग नंबरों से धमकी भरे संदेश आने लगे कि उनकी “अश्लील वीडियो” वायरल होने वाली है। सबसे पहले खुद को ‘यूट्यूब अधिकारी संजय सिंह’ बताने वाले व्यक्ति ने मैसेज भेजकर कहा कि आपकी वीडियो यूट्यूब पर अपलोड हो चुकी है, उसे रोकने के लिए पैसे देने होंगे। कुछ ही समय बाद एक और कॉल आई—इस बार कॉल करने वाला व्यक्ति खुद को ‘सीबीआई अधिकारी’ बताकर बोला कि उसने “वीडियो वायरल रोकने” के लिए फाइल संभाल ली है, लेकिन इसे क्लियर करने के लिए 51 हजार रुपये जमा करवाने होंगे। दोनों तथाकथित “अधिकारी” उसको लगातार दबाव में लेते रहे और उसने भय के माहौल में कई बार में 1.26 लाख रुपये उनके बताए स्कैनर पर भेज दिए। जब रकम की मांग लगातार बढ़ने लगी और ठगों ने 1 लाख रुपये और मांगे, तब उसको एहसास हुआ कि उनके साथ बड़ा साइबर फ्रॉड हुआ है। जिस बारे थाना साइबर क्राइम में मामला दर्ज किया गया। मामले कि जांच थाना साइबर क्राइम के एएसआई प्रदीप कुमार की टीम द्वारा आरोपी महावीर कॉलोनी अलवर राजस्थान निवासी सौरभ तथा गांव सेदमपुर जिला अलवर राजस्थान निवासी शिवम को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सौरभ को न्यायालय के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि आरोपी शिवम का अदालत से 2 दिन पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। एसपी उपासना ने नागरिकों से अपील की कि अनजान लोगों की वीडियो कॉल स्वीकार न करें, किसी धमकी के चलते ऑनलाइन भुगतान न करें और ऐसे किसी भी मामले में तुरंत 1930 नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।
