कल पूंडरी दौरे पर रहेंगे सीएम नायब सैनी
हरियाणा सरकार द्वारा मंगलवार, 23 दिसंबर को गांव चुहड़ माजरा में आयोजित होने वाले जगतगुरु स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती जी के राज्य स्तरीय जयंती समारोह को लेकर भव्य पंडाल सज चुका है। सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस गौरवशाली कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। इस जयंती समारोह को लेकर गांव चुहड़ माजरा और पूरे कैथल जिले में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

सोमवार को डीसी अपराजिता और एसपी उपासना ने अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समारोह स्थल का सघन दौरा किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था से लेकर जन-सुविधाओं तक की अंतिम समीक्षा की। डीसी ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास और श्रद्धा भाव के साथ मनाया जाएगा, जिसके लिए पूरे परिसर को भव्य रूप दिया गया है। समारोह को सुव्यवस्थित रखने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए हैं। मुख्य पंडाल को 6 सेक्टरों में विभाजित किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। मुख्य स्टेज के साथ-साथ संत-महात्माओं और सांस्कृतिक कलाकारों के लिए अलग से मंच तैयार किए गए हैं। वीआईपी और आम जनता के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वारों की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर प्रेस गैलरी, मीडिया गैलरी और एक भव्य प्रदर्शनी क्षेत्र भी बनाया गया है। समारोह स्थल पर 108 हवन कुंड बनाए गए हैं। जहां सुबह 10 बजे से हवन यज्ञ शुरू हो जाएगा। अध्यात्म एवं शुद्धि के प्रतीक इन कुंडों में हजारों श्रद्धालु सामूहिक रूप से आहुति डालकर जगतगुरु स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती जी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

एसपी उपासना ने पुलिस अधिकारियों के साथ सुरक्षा चक्र की समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस फोर्स लगाई गई है। इस अवसर पर एडीसी सुशील कुमार, डीएमसी कपिल शर्मा, सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश, एमडी शुगर मिल कृष्ण कुमार, गुहला एसडीएम कैप्टन प्रमेश कुमार, कलायत एसडीएम अजय हुड्डा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

ड्यूटी मजिस्ट्रेट किए नियुक्त
डीसी अपराजिता ने कहा कि मंच, पार्किंग और विभिन्न सेक्टरों के लिए अलग-अलग ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। दूसरे जिलों से आने वाली बसों और वाहनों के लिए पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं और रास्तों पर आवश्यक साइन बोर्ड (संकेतक) लगाए गए हैं। पीने के पानी, भोजन और विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई है। डीसी अपराजिता ने अधिकारियों को हिदायत दी कि ड्यूटी पर तैनात सभी कर्मचारी निर्धारित समय पर अपने स्थान पर मौजूद रहें।

स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती जी का संक्षिप्त जीवन परिचय
महंत संजीवानंद सरस्वती ने बताया कि जगतगुरु स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती का जन्म 24 दिसम्बर 1908 को कुरुक्षेत्र के समीप ग्राम चुहड़ माजरा में, रोड क्षत्रिय वंश में हुआ था। इनकी माता का नाम रामी देवी और पिता का नाम चौधरी बदामा राम था। उनका बचपन का नाम छोटा राम था। इनका पूरा परिवार धार्मिक आस्था वाला था। उनकी धार्मिक आस्था और संस्कारों का स्वामीजी पर काफी प्रभाव पड़ा। जब वे 9 वर्ष के थे तब इनकी माताजी का और 11 वर्ष की आयु में इनके पिताजी का निधन हो गया, जिससे इनके मन में वैराग्य भाव उत्पन्न हुआ। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज कल्याण में लगाया। उन्होंने स्त्री समाज का उद्धार, नशा मुक्ति की अलख जगाई, पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया, गुरुकुल एवं आश्रमों की स्थापना की, योगाभ्यास एवं ब्रह्मचर्य के पालन पर बल दिया, प्रवचनों के माध्यम से विचारों का प्रचार प्रसार किया, पचरंगा झंडा एवं अखिल विश्व साम्यवाद स्वतंत्र दल की स्थापना, यज्ञ महिमा का प्रसार, गौ रक्षा के प्रबल समर्थक रहे हैं। उनका जीवन सदाचारी जीवन रहा है। त्यागमूर्ति स्वामी जी ने फतेहपुर-पूंडरी आश्रम में 16 मई 1973, बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर ओंकार का उच्च स्वर से उच्चारण करते हुए, शरीर त्याग दिया और यह दिव्य ज्योति, परम ज्योति में विलीन हो गई।
