सोमनाथ मंदिर भारत की सांस्कृतिक चेतना और पुनर्जागरण का प्रतीक : सतपाल जांबा
सोमनाथ मंदिर के पुन:निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सोमवार को ग्यारह रूद्री मंदिर परिसर में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व बड़ी श्रद्धा एवं भक्ति भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में पूंडरी के विधायक सतपाल जांबा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम में डीसी अपराजिता, पूर्व मंत्री कमलेश ढांडा, जिला परिषद चेयरमैन सुरभि गर्ग, पूर्व विधायक लीला राम तथा पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर विशेष रूप में मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने शिवालय में भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर जलाभिषेक किया। इस अवसर पर सोमनाथ मंदिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा पिहोवा से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का लाइव संबोधन भी प्रसारित किया गया। विधायक सतपाल जांबा ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति, श्रद्धा, संस्कृति का महापर्व है। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पूरा देश यह पर्व मना रहा है, जो 11 जनवरी 2027 तक चलेगा। यह राष्ट्रीय स्मरणोत्सव भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा देने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार चंद्रदेव ने भगवान भोलेनाथ की कठोर तपस्या की थी, जिसके बाद भगवान शिव गुजरात की पावन भूमि पर ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए और तभी से यह स्थान सोमनाथ कहलाया। विधायक ने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि अनेक आक्रमणों के बावजूद सोमनाथ मंदिर हर बार और अधिक गौरव के साथ पुन: खड़ा हुआ। सोमनाथ मंदिर भारत की सांस्कृतिक चेतना और पुनर्जागरण का प्रतीक है। विधायक सतपाल जांबा ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था तथा वर्ष 1951 में भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने मंदिर का उद्घाटन किया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर पुन: स्थापित कर रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक तथा चारधाम परियोजना भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक हैं। विधायक सतपाल जांबा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत बुजुर्गों को अयोध्या, तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब नांदेड़, प्रयागराज सहित अनेक धार्मिक स्थलों के नि:शुल्क दर्शन करवाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आगामी 8 जून को पात्र बुजुर्गों को विशेष ट्रेन के माध्यम से सोमनाथ मंदिर के दर्शन करवाए जाएंगे। इस अवसर पर डीसी अपराजिता, पूर्व मंत्री कमलेश ढांडा, पूर्व विधायक लीला राम तथा पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर, जिला परिषद चेयरमैन सुरभि गर्ग, भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष मुनीष कठवाड़, ग्यारह रूद्री मंदिर सभा के प्रधान विनोद मित्तल, सुभाष हजवाना, नरेश मित्तल, जसवंत पठानिया, सांसद कार्यालय प्रभारी रविंद्र धीमान, पार्षद लीलू सैनी, सुरेश संधू, मुकेश अग्रवाल, शैली मुंजाल, बलविंद्र जांगड़ा, श्याम बंसल, कृष्ण शर्मा पिलनी, जिला प्रशासन की ओर से जिला परिषद के सीईओ सुरेश राविश, एसडीएम संजय कुमार, एमडी शुगर मिल कृष्ण कुमार, डीआईपीआरओ नसीब सिंह सैनी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में गूंजी शिव भक्ति
जिला स्तरीय इस भव्य कार्यक्रम में लोक कलाकारों, विद्यार्थियों एवं जंगम जोगियों की प्रस्तुतियों उपस्थितजनों को भगवान शिव की भक्ति में सराबोर किया। सबसे पहले भजन मंडली द्वारा रागनियों के माध्यम से भगवान की महिमा का गुणगान किया गया। इसके बाद सुपार्श्व जैन स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा श्री गणेश स्तुति तथा भगवान शिव पर आधारित विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। वहीं जंगम जोगी समूह पारंपरिक शैली में शिव महिमा का गायन कर श्रद्धालुओं को शिव भक्ति से जोड़ने का कार्य किया। अंत में आरकेएसडी कॉलेज के कलाकारों द्वारा भी धार्मिक प्रस्तुति दी गई।
आकर्षण का केंद्र बनी प्रदर्शनी।
कार्यक्रम में सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग तथा संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सोमनाथ मंदिर की एक हजार वर्ष की गौरवशाली यात्रा को दर्शाती प्रदर्शनी लगाई गई, जोकि आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी का श्रद्धालुओं ने रोचकता से अवलोकन किया गया। प्रदर्शनी में सोमनाथ मंदिर के इतिहास, उसके पुनर्निर्माण, सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपरा आदि की जानकारी दी गई।
