सोंगल में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित दौरे को लेकर डीसी ने लिया प्रबंधों का जायजा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के आगामी 14 मार्च को सोंगल गांव स्थित सिद्ध बाबा मुकुट नाथ मठ में प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। आगमन दृष्टिगत डीसी अपराजिता और एसपी उपासना ने अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का दौरा किया और अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से संबंधित तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। मठ में पहुंचने पर महंत पीरशेरनाथ ने डीसी एवं एसपी को सम्मानित किया। डीसी अपराजिता और एसपी उपासना बुधवार दोपहर बाद गांव सोंगल पहुंचें। जहां सबसे पहले कार्यक्रम स्थल तथा प्रस्तावित हेलीपैड का निरीक्षण करते हुए संबंधित विभागों को बिजली, पानी, सुरक्षा और यातायात सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने गांव में बनें प्राचीन मठ परिसर का भी दौरा किया। जहां महंत पीरशेनाथ ने उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। महंत पीरशेरनाथ ने बताया कि सिद्ध बाबा मुकुट नाथ मठ क्षेत्र का एक प्राचीन धार्मिक स्थल है, जो लगभग 1600 से 1700 वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। यह स्थान सिद्ध पुरुष बाबा मुकुट नाथ जी की तपस्थली माना जाता है, जहां उनकी स्मृति में निरंतर ज्योति प्रज्वलित रहती है। मठ परिसर में अब तक के 17 महंतों की समाधियां स्थित हैं, जिनकी प्रतिदिन पारंपरिक तरीके से गाय के गोबर से लिपाई की जाती है। यहां एक प्राचीन धूना भी लगातार प्रज्ज्वलित रहता है और यह डेरा नाथ संप्रदाय की धर्मनाथ परंपरा से जुड़ा हुआ है। मठ में समय-समय पर धार्मिक आयोजन और भंडारे आयोजित किए जाते हैं। इसी कड़ी में आठ विभिन्न आठ मठ—सोंगल, अबोहर, कोथ, रायसन, पिहोवा, उझाणा, धनौरी और हीरों कलां (पंजाब)—के मान को ‘आठ मान का भंडारा’ कहा जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में संत-महात्मा और श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस बार आयोजित होने वाले इस आठ मान के विशाल भंडारे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान वे संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं को संबोधित भी करेंगे। प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
